July me Kedarnath Yatra Kaise Kare | जुलाई में केदारनाथ यात्रा कैसे करे?

July me Kedarnath Yatra Kaise Kare? जुलाई में केदारनाथ यात्रा कैसे करे? मैं आपको इसकी विस्तार से जानकारी देने वाला हु। क्युकी जुलाई का महिना एक ऐसा महिना है. जिसमे होती है सबसे ज्यादा बारिश.

Jul 02, 2026 - 09:00
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July me Kedarnath Yatra Kaise Kare | जुलाई में केदारनाथ यात्रा कैसे करे?
July me Kedarnath Yatra Kaise Kare

July me Kedarnath Yatra Kaise Kare 

नमस्कार दोस्तों, जुलाई में केदारनाथ यात्रा कैसे करे? मैं आपको इसकी विस्तार से जानकारी देने वाला हु। क्युकी जुलाई का महिना एक ऐसा महिना है. जिसमे होती है सबसे ज्यादा बारिश. और बारिश होने के साथ साथ मौसम भी हो जाता है बड़ा ही सुहावना। और इस सुहावने मौसम में भोलेनाथ की भगती का मोका मिले तो इस से अच्छी और क्या बात हो सकती है।      

उतराखंड के बारे में तो आप सभी लोग जानते ही होंगे। मैं उत्तराखंड के हरिद्वार शहर से हु। तो मैं आपको उत्तराखंड के बारे में ही बताने वाला हु। और उत्तराखंड में मोजूद मैं आपको केदारनाथ धाम के बारे में बताने वाला हु। हलाकि आप सभी लोग एदर्नाथ धाम के बारे में सब कुछ जानते होंगे। क्युकी मैंने अपनी इस वेबसाइट पर केदारनाथ सी जुडी हर जानकारी आपको दी है। ताकि आप केदारनाथ की यात्रा सही तरीके से कर सके। 

केदारनाथ धाम की यात्रा वेसे तो बहुत कठिन है। लेकिन भगवान भोलेनाथ के जब दर्शन हो जाते है। तो फिर सारी कठनाइया  पल भर में दूर हो जाती है। अब चुकी जुलाई का महिना है। तो यह कठीन यात्रा और भी ज्यादा कठिन हो जाएगी। क्युकी जुलाई का जो महिना होता है। वो बारिश का महिना होता है।

और जब बारिश ज्यादा होती है तो फिर थोड़ी बहुत परेशानी इस केदारनाथ यात्रा पर जरुर देखने को मिलती है। बारिश की व्ज्ख से जगह जगह पहाड़ गिरने लगते है। पहाड़ गिर्रने की वजह से सडक ब्लाक हो जाती है। और जब सडक ब्लाक होती है तो यात्रा जहा होता है उसे वाही रोक दिया जाता है। केवल ये ही परेशानी है बरसात के मौसम में यात्रा करने में। 

जुलाई में केदारनाथ यात्रा कैसे करे?

इतनी बारिश होने के बाद भी भोलेनाथ के भक्तो को यह पता करना है कि आखिर जुलाई के महीने में केदारनाथ धाम की यात्रा कैसे करे? तो अब हम विस्तार से जुलाई के महीने में केदारनाथ धाम की यात्रा करने की जानकारी प्राप्त करेगे? 

जुलाई में केदारनाथ यात्रा करने के लिए सबसे पहले आपको यात्रा का रजिस्ट्रेशन करना होगा। केदारनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन आप ऑनलाइन भी कर सकते है और हरिद्वार या ऋषिकेश से ऑफलाइन भी यात्रा का रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। मैं आपको सलाह दूंगा आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करिए। ताकि आपको ऑफलाइन के भरोसे ना रहना पड़े। 

केदारनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन किस तरह किया जाता है। इसकी पूरी जानकारी आपको यहाँ क्लिक करके मिल जाएगी। जब आपका केदारनाथ धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन हो जाये तो आप आ जाइये हरिद्वार। केदारनाथ धाम की यात्रा हरिद्वार और ऋषिकेश से ही शुरू होती है। 

जब आप हरिद्वार या ऋषिकेश आ जाये तो हरिद्वार से आपको Morning में 4 बजे वाली बस मिल जाएगी। आपको हरिद्वार से सोनप्रयाग वाली बस में जाना है। वेसे तो आपको 4 बजे के बाद भी बस मिल जाएगी। लेकिन मैं आपको सलाह दूंगा आप morning में 4 बजे वाली बस से ही अपनी केदारनाथ धाम की यात्रा करे। क्युकी आप जितना जल्दी हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू करेंगे। उतना जल्दी आप सोनप्रयाग पहुच जायेंगे। 

बस में बैठकर प्राकर्तिक नजारे, बारीश और बारिश में बहते पहाड़ो के झरने का आनंद लेते हवे भोलेनाथ के भजन सुनते हवे आप 12 बजे के आसपास बहुत आराम से सोनप्रयाग पहुच जायेगे। अब चुकी बारिश का महिना है और जुलाई में आपको नाम मात्र की भीड़ मिलेगी तो सोनप्रयाग में आपका यात्रा का रजिस्ट्रेशन चेक होगा। 

रजिस्ट्रेशन चेक करवाने के बाद आपको सोनप्रयाग से गोरीकुंड के लिए टेक्सी मिल जाएगी। गोरीकुंड वो जगह है जहा से केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा शूरु होती है। गौरीकुंड जाने के बाद आप चाहे तो वहा एक नाईट रुक कर आराम कर सकते हो या फिर उसी टाइम अपनी यात्रा शुरू कर सकते हो। 

मैं मानम के चल रहा हु कि आप एक नाईट गोरीकुंड स्टे करेंगे। क्युकी बारिश का महिना है तो हो सकता है बारिश की वजह से आपको गौरीकुंड स्टे करने पड़े। गोरीकुंड में एक नाईट स्टे करने के बाद आप अगले दिन अपनी यात्रा शुरू करिए। 

गोर्रिकुंद से केदारनाथ मंदिर तक का पूरा ट्रैक 21 किमी का है। यह दूरी पूरी करने में आपको 9 से 10 घंटे लग जायेंगे। भोलेनाथ का नाम लेते लेते, पहाड़ो की गरमा गर्म मेग्गी खाते हवे, गरमा गर्म अदरक वाली चाय पिटे हवे, बारिश के मौसम में पहाड़ो से बहते झरने का आनंद लेते हवे आप लोग बहुत ही आराम से केदारनाथ धाम पहुच जाओगे। 

केदारनाथ धाम पहुचने के बाद इंतजाम करिए। जुलाई का महिना है तो आपको केदारनाथ धाम मे रुकने की कोई समस्या नहीं आएगी। क्युकी जुलाई के महीने में आपको केदारनाथ धाम पूरा खाली मिलने वाला है। रुकने का इंतजाम होने के बाद आप आराम करिए और फिर भगवान भोलेनाथ के दर्शन मंदिर के अन्दर जाकर करिए, शाम की आरती में भाग लीजिये, और रात को एक बार फिर से केदारनाथ मंदिर में जाकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करिए। 

अब चुकी जुलाई का महिना है। तो केदारनाथ धाम आपको पूरा खाली ही मिलेगा। तो आपका नितना भी मन करे उतनी बार मंदिर के अन्दर जाकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करिए। और फिर अपना खा पीकर सो जाइये। इसके बाद morning में नहा धोकर 3 या 4 बजे के आसपास केदारनाथ मंदिर के आगे आकर खड़े हो जाइये।

इसके बाद इंतजार करिए भगवान भोलेनाथ के मंदिर खुलने का। जैसे ही मंदिर का गेट खुले अन्दर जाइये और भोलेनाथ को जल चडाकर उनकी पूजा करिए। और उनका आशीर्वाद प्राप्त करके मंदिर के बहार आ जाइये। अब चुकी जुलाई का महिना है तो भीड़ तो आपको मिलेगी ही नहीं। तो आपको केदारनाथ में मंदिर के अन्दर जाकर पूजा करने में भी कोई समस्या नहीं आएगी।   

जब भगवान सही की पूजा हो जाये उसके बाद भेरोनाथ के दर्शन करके और आसपास की जगह घुमने के बाद निचे उतरना शुरू कर दीजिये। केदारनाथ से गौरीकुंड आने में आपको 5 से 6 घंटे लग जायेंगे। गौरीकुंड आने के बाद सोनप्रयाग आइये। और वाही से हरिद्वार की बस में बैठकर हरिद्वार वापिस आ जाइये। 

अगर आप सोनप्रयाग में एक नाईट स्टे करना चाहते है तो आप सोनप्रयाग रुक सकते है। सोंप्र्र्याग में स्टे को लेकर आपको कोई समस्या नहीं होगी। कम से कम प्राइस में आपको रूम मिल जायेंगे।

ये तो हमको पता चल गया कि जुलाई में केदारनाथ यात्रा कैसे करे। अब हम ये भी देख लेते है कि जुलाई के महीने में केदारनाथ यात्रा पर क्या क्या सावधानी रखे?                           

जुलाई के महीने में केदारनाथ यात्रा पर क्या क्या सावधानी रखे?         

जैसा की आप सभी को मालूम ही है। जुलाई का महिना बारिश का महीने होता है। और जुलाई के महीने में पुरे देश में बारिश का सिलसिला चलता है। तो उत्तराखंड में भी उस समय बहुत बारिश होती है। और जो केदारनाथ धाम की यात्रा है वो पूरी पहाड़ी यात्रा है। यानी उस यात्रा को करने के लिए आपको पहाड़ो के बिच से गुजरना पड़ता है। 

और बारिश में अधिकतर जगह पहाड़ टूटते रहते है। जिसकी वजह से यात्रियों को जगह जगह रोक दिया जाता है। तो आपको जुलाई के महीने में केदारनाथ आने से पहले अपने यात्रा के लिए 2 या 3 दिन एक्स्ट्रा रखने होंगे। ताकि कही आप फास गये तो आपके पास यात्रा पूरा करने के लिए एक्स्ट्रा दिन हो।

अगर बारिश की वजह से कोई रास्ता बंद होता है तो उसे जल्दी खोल दिया जाता है। अब बारिश का महिना है तो आपको बारिश से बचने के लिए हर जरुरी समान अपने पास रखना होगा। खासकर रेनकोट क्युकी बारिश तो आपको मिलेगी ही मिलेगी। इसके आलावा गर्म कपड़े भी आपको अपने साथ रखने है। क्युकी केदारनाथ धाम में आपको ठण्ड मिलेगी। 

केदारनाथ धाम यात्रा करने से पहले आपको क्या क्या सामान अपने साथ रखना है। उसकी पूरी लिस्ट आपको यहाँ क्लिक करके मिल जाएगी। मेरे द्वारा दी गयी लिस्ट के अनुसार ही आप अपनी यात्रा की तेयारी करे। और अगर आपको अपनी केदारनाथ धाम यात्रा के लिए बस बुक करनी है तो आप यहाँ क्लिक करके या 7060830844 पर कॉल करके अपने लिए बस की बुकिंग कर सकते हो। 

अपनी इस पोस्ट के माध्यम से मैंने आपको विस्तार से July me Kedarnath Yatra Kaise Kare की जानकारी दे दी है। अगर आपके मन में केदारनाथ यात्रा से जुड़ा कोई और सवाल हो तो आप मुझे👉7060830844 पर कॉल करके और भी ज्यादा जानकारी प्राप्त कर सकते हो।         

                     

केदारनाथ यात्रा (जुलाई) Frequently Asked Questions

जुलाई में उत्तराखंड में मानसून सक्रिय हो जाता है, जिससे बारिश और भूस्खलन (landslides) का जोखिम रहता है। हालांकि, यात्रा पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करती है। अगर आप मौसम विभाग (IMD) का ताज़ा अलर्ट देखकर और राज्य सरकार की गाइडलाइंस का पालन करते हुए अपनी योजना बनाते हैं, तो यात्रा की जा सकती है। अपनी ट्रिप में हमेशा 1-2 दिन का अतिरिक्त समय (Buffer days) लेकर चलें।

वेसे तो जुलाई का महिना सावन का महिना होता है। तो जुलाई के महीने में भी आपको कम ही भीड़ केदारनाथ धाम में मिलने वाली है। क्युकी बारिश होने की वजह से कम ही भक्त केदारनाथ धाम जाते है। तो जुलाई के महीने में आपको भीड़ को लेकर किसिस तरह की कोई समस्या नहीं आएगी।

जुलाई में दिन के समय केदारनाथ का तापमान 10°C से 15°C के बीच रहता है, जबकि रात में यह 5°C तक गिर सकता है। इस दौरान अचानक तेज बारिश और घनी धुंध (Fog) आना बेहद आम है। मौसम पल-पल बदलता है, इसलिए हर स्थिति के लिए तैयार रहना ज़रूरी है।

नहीं खराब मोसम होने के कारण केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहती है। अगर में बात करू बीते सालो की ओ जुलाई में हेलीकाप्टर उड़ते थे। लेकिन 2026 में बहुत ही ज्यादा सकत नियम बना दिए गये है। जिसकी वजह से 2026 में हेलीकाप्टर को पुरे मानसून सीजन के लिए रोक लगा दी गयी है।

जुलाई की यात्रा के लिए सबसे अहम चीजें हैं: एक अच्छी क्वालिटी का रेनकोट या पोंचो (Poncho), वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज, छाता, पावर बैंक, और अपने मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स को सुरक्षित रखने के लिए ज़िप-लॉक बैग्स (Zip-lock bags)। इसके अलावा, वाटरप्रूफ जैकेट और फर्स्ट-एड किट (सर्दी-बुखार की दवाओं के साथ) रखना बिल्कुल न भूलें।

भारी बारिश या लैंडस्लाइड के कारण रास्ता ब्लॉक होने पर प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित स्थानों (जैसे गौरीकुंड, सोनप्रयाग या गुप्तकाशी) पर रोक देता है। ऐसे हालात में घबराएं नहीं और रास्ता साफ होने तक वहीं इंतज़ार करें। हमेशा पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम के निर्देशों का सख्ती से पालन करें और रात के समय ट्रेकिंग करने से बचें।

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Yatra Gyan

Har Har Mahadev. Agar aapko Kedarnath Yatra ya Chardham Yatra se judi Help Chahiye to aap mujhe 7060830844 Par Call Karke Meri Help Le sakte ho. Mera Naam Mayank hai or Me Haridwar Uttarakhand se hu.

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