गर्मियों में बर्फ देखने और घूमने की 5 बेहतरीन जगहें | 2026 Snow Guide

जून-जुलाई की झुलसाने वाली गर्मी से हैं परेशान? जानिए भारत की 5 ऐसी जगहें जहाँ गर्मियों में भी आपको मिलेगी ताज़ा बर्फ और ग्लेशियर। पूरी पैकिंग लिस्ट और बजट यहाँ पढ़ें।

Jun 20, 2026 - 08:00
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गर्मियों में बर्फ देखने और घूमने की 5 बेहतरीन जगहें | 2026 Snow Guide
गर्मियों में बर्फ देखने और घूमने की 5 बेहतरीन जगहें

गर्मियों में बर्फ देखने और घूमने की 5 जगहें (Summer Snow Destinations in India 2026)

नमस्कार दोस्तों आज के इस यात्रा ज्ञान के आर्टिकल में आपको ऐसी ठंडी जगह की जानकारी मिलने वाली है। जहा आप इस गर्मी के मौसम में जा सकते हो। अभी जून का महीना चल रहा है और बाहर का तापमान 45 डिग्री के भी पार जा चुका है। शहरों में लू के थपेड़े, ट्रैफिक का धुआं और AC के लगातार बढ़ते बिल ने सबका जीना मुहाल कर दिया है।

ज़रा इमेजिन कीजिए... बाहर आग बरस रही है, और आप अचानक से एक ऐसी जगह पहुँच जाते हैं जहाँ आपको टी-शर्ट के ऊपर हैवी जैकेट पहननी पड़े। आपके पैरों के नीचे मखमली सफेद बर्फ है, आप दोस्तों के साथ स्नो-बॉल फाइट कर रहे हैं, और आपके हाथों में गर्मा-गर्म मैगी का कटोरा है!

सुनकर ही शरीर में एक अजीब सी ठंडक दौड़ गई ना? अगर आप भी इस चिलचिलाती गर्मी में पसीने पोंछ-पोंछ कर थक चुके हैं, तो अब वक्त आ गया है उस ट्रिप को हकीकत में बदलने का!

YatraGyan के इस एक्सक्लूसिव ब्लॉग में आज हम आपको भारत की उन 5 जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ जून-जुलाई की भयंकर गर्मी में भी 'ताज़ा बर्फ' (Snowfall & Glaciers) आपका इंतज़ार कर रही है।

लेकिन याद रहे, "गर्मियों में बर्फ" ढूंढने का सफर आम हिल स्टेशन जाने जितना आसान नहीं होता। इसके लिए आपकी पैकिंग बहुत स्मार्ट होनी चाहिए। आइए सबसे पहले सफर की तैयारी करते हैं!

🎒 स्नो-हंटर्स पैकिंग किट (गर्मियों में बर्फ देखने की तैयारी)

चूंकि आप गर्मियों के मौसम में ठंडी जगह जा रहे हैं, इसलिए आपके बैग में मैदानी इलाकों की गर्मी और पहाड़ों की ठंड, दोनों का बैलेंस होना चाहिए:

लेयरिंग का नियम (Rule of Layering): जब आप बेस शहर (जैसे चंडीगढ़ या सिलीगुड़ी) में होंगे, तो भयंकर गर्मी होगी। लेकिन ऊपर पहाड़ों पर कड़ाके की ठंड। इसलिए सिर्फ एक मोटी जैकेट ले जाने के बजाय 1 थर्मल इनर, 2 फुल-स्लीव टी-शर्ट और 1 वाटरप्रूफ/विंडप्रूफ जैकेट रखें।

सनग्लासेस (Polarized UV Goggles): बर्फ पर जब गर्मियों की तेज़ धूप पड़ती है, तो वह आँखों को चौंधिया देती है (Snow Blindness)। इससे बचने के लिए काले या डार्क रंग के अच्छी क्वालिटी वाले चश्मे ज़रूर रखें।

स्नो-प्रूफ फुटवियर: बर्फ में चलने के लिए आम कैनवास शूज या स्नीकर्स तुरंत गीले हो जाते हैं। 'ट्रेकिंग शूज' या ऐसे जूते पहनें जिनका सोल रबर का हो और वॉटर-रेसिस्टेंट हों। (आप चाहें तो बर्फीली जगहों पर गम-बूट्स किराये पर भी ले सकते हैं)।

स्किन प्रोटेक्शन: ऊंचाई पर धूप बहुत तीखी होती है। SPF 50+ वाला सनस्क्रीन, कोल्ड क्रीम और लिप बाम बिल्कुल न भूलें।

मेडिकल किट: ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम हो जाती है। कपूर और अजवाइन की छोटी पोटली सूंघने के लिए रखें। साथ ही मोशन सिकनेस (पहाड़ों पर उल्टी) की दवा ज़रूर साथ लें।

⛄ गर्मियों में बर्फ देखने की 5 सबसे बेहतरीन जगहें (Snow Meter के साथ)

इस बार हमने जगहों को उनके "Snow Meter" (यानी वहाँ बर्फ मिलने की कितनी गारंटी है) के आधार पर सेट किया है।

1. ज़ीरो पॉइंट, सिक्किम (Zero Point, Sikkim)

❄️ Snow Meter: 99% (बर्फ मिलने की पूरी गारंटी)

अगर आप गर्मियों में एक ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ हर तरफ सिर्फ बर्फ ही बर्फ हो, तो सिक्किम का 'ज़ीरो पॉइंट' (Yumesamdong) आपकी पहली पसंद होना चाहिए। यह जगह 15,300 फीट की ऊंचाई पर है और यह चीन बॉर्डर के बेहद करीब है। यहाँ गर्मियों के मौसम में भी बर्फ कभी पिघलती नहीं है।

क्या है खास: यहाँ का नज़ारा ऐसा है मानो आप अंटार्कटिका में आ गए हों। नीले आसमान के नीचे सफेद बर्फ से ढके पहाड़ और याक (Yak) की सवारी यहाँ का मुख्य आकर्षण है।

कैसे पहुँचें: यहाँ पहुँचने के लिए आपको गंगटोक से पहले लाचुंग (Lachung) जाना होगा। लाचुंग में नाइट स्टे के बाद आप युमथांग वैली होते हुए ज़ीरो पॉइंट पहुँच सकते हैं। (इनर लाइन परमिट अनिवार्य है)।

2. बारालाचा ला और शिंकु ला पास, हिमाचल (Baralacha La / Shinku La Pass)

❄️ Snow Meter: 95% (विशाल बर्फीली दीवारें)

अक्सर लोग गर्मियों में बर्फ देखने के लिए मनाली के 'रोहतांग पास' जाते हैं, लेकिन भीड़ के कारण वहां बर्फ कम और कीचड़ ज़्यादा मिलता है। इसका स्मार्ट विकल्प है—मनाली से थोड़ा और आगे बढ़ना! अगर आप अटल टनल से होते हुए लेह हाईवे पर 'बारालाचा ला' या 'शिंकु ला पास' की तरफ जाते हैं, तो जून-जुलाई में भी आपको सड़क के दोनों तरफ 10 से 15 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें मिलेंगी।

क्या है खास: यह जगह किसी एडवेंचर फिल्म के सेट जैसी लगती है। यहाँ की ताज़ा बर्फ और सन्नाटा आपके ट्रिप को यादगार बना देगा।

कैसे पहुँचें: मनाली से जिस्पा (Jispa) या दारचा होते हुए आप अपनी गाड़ी या टैक्सी से यहाँ आराम से पहुँच सकते हैं।

3. थाजीवास ग्लेशियर, सोनमर्ग, कश्मीर (Thajiwas Glacier, Kashmir)

❄️ Snow Meter: 90% (ग्लेशियर और स्लेजिंग का मज़ा)

कश्मीर को यूं ही जन्नत नहीं कहते! गर्मियों में जब पूरे कश्मीर की वादियां हरी-भरी होती हैं, तब सोनमर्ग में स्थित 'थाजीवास ग्लेशियर' पर्यटकों को बर्फ का तोहफा देता है। यह ग्लेशियर गर्मियों में भी नहीं पिघलता और यहाँ का तापमान काफी कम रहता है।

क्या है खास: यहाँ आप बर्फ पर स्लेजिंग (Sledging) कर सकते हैं और स्नोमैन बना सकते हैं। ग्लेशियर के पास बहने वाली ठंडी नदी का पानी बिल्कुल क्रिस्टल जैसा साफ होता है।

कैसे पहुँचें: सोनमर्ग से यह ग्लेशियर लगभग 3 किलोमीटर दूर है। आप यहाँ तक एक छोटा सा ट्रेक कर सकते हैं या फिर टट्टू (Pony) किराये पर ले सकते हैं।

4. सेला पास, अरुणाचल प्रदेश (Sela Pass, Arunachal)

❄️ Snow Meter: 85% (रहस्यमयी और शांत बर्फ)

अगर आप नॉर्थ-ईस्ट इंडिया की खूबसूरती के साथ बर्फ का मज़ा लेना चाहते हैं, तो 'सेला पास' से बेहतरीन कुछ नहीं। 13,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा तवांग को बाकी भारत से जोड़ता है। जून-जुलाई के महीने में भी यहाँ की 'सेला लेक' अक्सर आंशिक रूप से जमी रहती है और आसपास के पहाड़ों पर बर्फ की मोटी सफेद चादर बिछी होती है।

क्या है खास: यहाँ पर्यटकों की भीड़ बहुत कम होती है, जिससे आपको अपनी तस्वीरें खिंचवाने और शांति से बर्फ का आनंद लेने का पूरा समय मिलता है।

कैसे पहुँचें: असम के गुवाहाटी या तेज़पुर से तवांग की ओर जाते समय यह पास रास्ते में ही पड़ता है।

5. खारदुंग ला, लद्दाख (Khardung La, Ladakh)

❄️ Snow Meter: 80% (दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क पर बर्फ)

गर्मियों में बाइकर्स और एडवेंचर के दीवानों का मक्का है लद्दाख। लेह से आगे जब आप नुब्रा वैली की तरफ जाते हैं, तो 18,380 फीट की ऊंचाई पर स्थित 'खारदुंग ला पास' आता है। इतनी ऊंचाई होने के कारण यहाँ गर्मियों में भी अचानक स्नोफॉल (Live Snowfall) हो जाता है।

क्या है खास: यहाँ की बर्फ के साथ दुनिया के सबसे ऊंचे पास का साइनबोर्ड एक ऐसी तस्वीर देता है, जिसे आप गर्व से अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं।

कैसे पहुँचें: लेह शहर से यह लगभग 40 किलोमीटर दूर है। आप बाइक या टैक्सी किराये पर लेकर यहाँ जा सकते हैं।

YatraGyan प्रो-टिप्स (जो आपका पैसा और समय बचाएंगे)

बूट्स और जैकेट रेंटल: अगर आप सिर्फ एक बार बर्फ देखने जा रहे हैं, तो हज़ारों रुपये के स्नो-बूट्स या वाटरप्रूफ सूट खरीदने की कोई ज़रूरत नहीं है। इन सभी 5 जगहों के बेस कैंप (जैसे गंगटोक, मनाली या सोनमर्ग) पर ₹200 से ₹300 के किराये पर पूरी स्नो-ड्रेस मिल जाती है।

अर्ली मॉर्निंग रूल: बर्फीली जगहों पर हमेशा सुबह जल्दी (6-7 बजे) पहुँचने की कोशिश करें। दोपहर के बाद तेज़ धूप से बर्फ पिघलने लगती है और फिसलने का डर बढ़ जाता है।

हाइड्रेशन: ठंड में प्यास नहीं लगती, लेकिन ऊंचाई (High Altitude) पर डिहाइड्रेशन सबसे बड़ा दुश्मन है। पानी या गर्म चाय लगातार पीते रहें।

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निष्कर्ष (Conclusion)

गर्मियां हर साल आती हैं और हर साल हम AC के कमरों में बैठकर मौसम के बदलने का इंतज़ार करते हैं। इस बार इस रूटीन को तोड़िए! सिक्किम के ज़ीरो पॉइंट की जमा देने वाली ठंड से लेकर हिमाचल की बर्फीली दीवारों तक, 2026 की गर्मियों में भारत में बर्फ की कोई कमी नहीं है।

बस ज़रूरत है तो एक सही प्लानिंग की! तो दोस्तों, उठाइए अपना बैग, तैयार कीजिए अपनी पैकिंग किट और निकल पड़िए गर्मियों में भी सर्दियों का मज़ा लूटने।

आप इन 5 जगहों में से कहाँ जाकर स्नोमैन (Snowman) बनाना पसंद करेंगे? अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। और हाँ, अपने दोस्तों को इस भयंकर गर्मी से चिढ़ाने (और ट्रिप पर ले जाने) के लिए इस आर्टिकल को शेयर करना बिल्कुल ना भूलें!

अक्सर पूछे जाने वाले अनोखे सवाल (Unique & High-Ranking FAQs)

भारत में गर्मियों (मई-जुलाई) के दौरान मैदानी या सामान्य हिल स्टेशनों पर 'लाइव स्नोफॉल' (ताज़ा गिरती बर्फ) होना बहुत दुर्लभ है। इन महीनों में आपको ज़ीरो पॉइंट या थाजीवास में जो बर्फ मिलती है, वह सर्दियों की पुरानी जमी हुई बर्फ (Glaciers) होती है। हालांकि, लद्दाख के खारदुंग ला (18,380 फीट) जैसे अत्यधिक ऊंचे दर्रों पर मौसम बिगड़ने पर गर्मियों में भी अचानक ताज़ा बर्फबारी हो जाती है।

गर्मियों की छुट्टियों में रोहतांग पास का ऑनलाइन परमिट मिलना बहुत मुश्किल होता है। अगर आपको परमिट न मिले, तो निराश न हों! आप अटल टनल (Atal Tunnel) पार करके लाहौल स्पीति की तरफ 'सिस्सू' (Sissu) या लेह हाईवे पर 'शिंकु ला पास' (Shinku La Pass) जा सकते हैं। यहाँ जाने के लिए किसी विशेष परमिट की ज़रूरत नहीं होती और यहाँ रोहतांग से भी कहीं ज़्यादा बर्फ मिलती है।

10,000 फीट से ऊपर जाने पर हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है, जिससे बच्चों को 'एल्टीट्यूड सिकनेस' (उल्टी या सिरदर्द) हो सकती है। अगर आपके साथ 5 साल से छोटे बच्चे हैं, तो अत्यधिक ऊंचाई वाले पास के बजाय कश्मीर का 'थाजीवास ग्लेशियर' (सोनमर्ग) सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प है। यह कम ऊंचाई पर है और यहाँ बच्चों को ऑक्सीजन की कोई समस्या नहीं होती।

आपको घर से हज़ारों रुपये के स्नो-बूट्स या जैकेट्स खरीद कर ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मनाली, गंगटोक और सोनमर्ग के बेस पॉइंट्स पर कई रेंटल शॉप्स (Rental Shops) मौजूद हैं। 2026 के ताज़ा रेट्स के अनुसार, एक पूरा स्नो-सूट (जैकेट + पैंट) और गम-बूट्स का कॉम्बो ₹250 से ₹400 प्रतिदिन के मामूली किराये पर आसानी से मिल जाता है।

जुलाई में मानसून के कारण हिमाचल और उत्तराखंड के रास्तों पर लैंडस्लाइड (Landslide) का खतरा रहता है। ऐसे मौसम में बर्फ देखने के लिए लद्दाख (Ladakh) सबसे सुरक्षित और बेहतरीन डेस्टिनेशन है, क्योंकि यह एक 'कोल्ड डेज़र्ट' (Rain Shadow Area) है जहाँ मानसून की बारिश ना के बराबर होती है।

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Yatra Gyan

Har Har Mahadev. Agar aapko Kedarnath Yatra ya Chardham Yatra se judi Help Chahiye to aap mujhe 7060830844 Par Call Karke Meri Help Le sakte ho. Mera Naam Mayank hai or Me Haridwar Uttarakhand se hu.

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