Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari | कैसे करे गंगोत्री धाम की यात्रा

Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari. अगर आप Gangotri Dham Yatra करना चाहते हो तो मेरा ये आर्टिकल आप सभी लोगो के लिए है. अपने आज के इस आर्टिकल के द्वारा मैं आप सभी गंगोत्री धाम की यात्रा की पूरी जानकारी देने वाला हु.

Feb 15, 2026 - 18:11
Updated: 1 month ago
0 3
Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari | कैसे करे गंगोत्री धाम की यात्रा
Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari

Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari

Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari. अगर आप Gangotri Dham Yatra करना चाहते हो तो मेरा ये आर्टिकल आप सभी लोगो के लिए है. अपने आज के इस आर्टिकल के द्वारा मैं आप सभी गंगोत्री धाम की यात्रा की पूरी जानकारी देने वाला हु.

Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki Jankari

उत्तराखंड में स्तिथ चारधाम यात्रा में मोजूद तीर्थस्थल का नाम है गंगोत्री.  Gangotri Dham समुंद तल से 3042 मीटर की उचाई पर स्तिथ है. Gangotri Dham में गंगा माता का मंदिर है. भक्त गंगा माता के दर्शन करके के लिए ही Gangotri Dham की यात्रा करते है. गंगोत्री धाम में मोजूद गंगा माता के मंदिर का निमार्ण अमर शिंह थापा गोरखा कमांडर द्वारा 18 वी शताब्दी में किया गया था.

हर साल मई से अक्टूबर के बिच Gangotri Dham की यात्रा चलती है. इस दोरान यात्रा पर लाखो लोग दर्शन करने के लिए आते है. हर साल अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर Uttarakhand Gangotri Dham Yatra ki शुरुआत होती है. और अक्षय तृतीया के दिन ही Gangotri Dham के कपाट भक्तो के लिए खोले जाते है.

Uttarakhand Gangotri Dham Yatra Kaise Kare?

अगर आप Uttarakhand में मोजूद Gangotri Dham Yatra को करना चाहते है. तो यहाँ में आपको उसकी जानकारी देने वाला हु. ताकि आप बहुत ही आराम से Uttarakhand Gangotri Dham की Yatra  कर सके. आप देश के किसी भी कोने में रहते हो. सबसे पहले आपको सडक मार्ग से हरिद्वार आना होगा. अगर आप वायुमार्ग से आना चाहते है. तो आपको देहरादून स्तिथ जोलीग्रांट हवाई अड्डे तक आना होगा,

ट्रेन, बस या गाडी के माध्यम से हरिद्वार आने के बाद आपको अपनी Gangotri Dham Yatra  की शुरुआत करनी है. हरिद्वार से गंगोत्री धाम की दुरी 283 किमी है. और ऋषिकेश से गंगोत्री धाम की दुरी 259 किमी है. आप दोनों ही जगह से अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकते हो.

अधिकतर यात्री हरिद्वार आकर ही अपनी Uttarakhand Gangotri Dham Yatra को शुरू करते है. हरिद्वार से यात्रा करने पर अलग अलग स्थान आपके सामने आते है. जैसे ऋषिकेश, नरेंद्र नगर, चंबा, दोबाटा, धरासू , नकुरी, उत्तरकाशी,  हरसिल, भेरोघाटी  और भेरोघाटी से गंगोत्री आप बहुत ही आराम से जा सकते है. इसके आलावा और भी छोटे छोटे स्थान आपको रस्ते में देखने को मिलते है.   

अगर आप देहरादून से आते है तो आपको ऋषिकेश होते हुवे अपनी यात्रा की शुरुआत करनी है.  बद्रीनाथ धाम की तरह आप गंगोत्री धाम में भी मंदिर तक गाडी ले जा सकते है. यानी आपको ज्यादा पैदल चलने की जरूरत नहीं है. Gangotri Dham में मोसमं आपको ठंडा ही मिलता है.

गंगोत्री धाम चारो और से बर्फ के पहाड़ से घिरा हुवा है. इसलिए अगर आप जून के महीने में भी यात्रा पर जायेंगे तो आपको अपने साथ गर्म कपड़े साथ लेकर जाना होगा. और Gangotri Dham में अक्सर बारिश भी होती रहती है. बारिश से बचने के लिए आप अपने साथ Rain कोट रखिये. ताकि आपको बारिश होने पर किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो . Gangotri Dham Yatra के दरों आपको रास्ते में मनमोहक प्राकर्तिक दश्य देखने को मिलते है. जगह जगह आपको झरने देखने को मिलते है. रास्ते में नदिया देखने को मिलती है. ऐसे मनमोहक प्राकर्तिक दश्य देखने के बाद आपकी यात्रा और भी ज्यादा यादगार बन जाएगी.

Haridwar to Gangotri Dham Bus

अगर आप हरिद्वार आकर Gangotri Dham की यात्रा बस के द्वारा करना चाहते है तो मैं आपको बताना चाहूँगा. हरिद्वार से Gangotri Dham की कोई भी डायरेक्ट बस नहीं है. हरिद्वार से Gangotri Dham जाने के लिए आपको उत्तरकाशी वाली बस में बेठना होगा. उसके बाद आपको उत्तरकाशी से ही बस या टेक्सी मिल जाएगी. जिसके माध्यम से आप गंगोत्री धाम पहुच सकते हो. अगर आपको गंगोत्री धाम यात्रा से जुडी किसी भी तर्क की कोई जानकारी या हेल्प चाहिए. तो आप मुझे 7060830844 पर कॉल करके मेरी हेल्प ले सकते हो. 

            Haridwar to Yamunotri Map 

       

यात्रा प्लानिंग, दूरी और परमिट (Planning & Route FAQs)

ऋषिकेश से गंगोत्री की दूरी लगभग 270 किलोमीटर है, जिसे तय करने में कार या बस से करीब 9 से 10 घंटे का समय लगता है। सबसे बेस्ट और सुरक्षित रूट है: ऋषिकेश → चम्बा → उत्तरकाशी → भटवाड़ी → हर्षिल → गंगोत्री। यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए आपको पहले दिन 'उत्तरकाशी' या खूबसूरत 'हर्षिल घाटी' में रुकना चाहिए और अगले दिन सुबह गंगोत्री जाना चाहिए।

अगर आप सिर्फ गंगोत्री मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो उत्तराखंड सरकार का सामान्य चारधाम टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन (e-Pass) ही काफी है। लेकिन, यदि आप गंगोत्री से आगे गोमुख (Gaumukh) या तपोवन ट्रेक पर जाना चाहते हैं, तो आपको उत्तरकाशी वन विभाग से 'गंगोत्री नेशनल पार्क एंट्री परमिट' (Gangotri National Park Permit) एडवांस में ऑनलाइन या उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से ऑफलाइन लेना अनिवार्य है।

गंगोत्री मुख्य बाजार और मंदिर परिसर में BSNL का नेटवर्क सबसे मजबूत और पुराना है। हालांकि, अब वहाँ Reliance Jio और Airtel के 4G नेटवर्क भी काम करते हैं। ध्यान रखें कि उत्तरकाशी से आगे बढ़ने पर सुक्की टॉप और भैरवघाटी के पास कई जगह नेटवर्क पूरी तरह चला जाता है, इसलिए ऑफलाइन मैप्स और ज़रूरी पास का प्रिंटआउट साथ रखें।

गंगोत्री धाम समुद्र तल से लगभग 11,200 फीट (3,415 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है। सबसे अच्छी बात यह है कि बद्रीनाथ की तरह गंगोत्री मंदिर तक भी सीधी पक्की सड़क जाती है। आपको कोई लंबी ट्रैकिंग नहीं करनी पड़ती; गाड़ी की पार्किंग से मंदिर मात्र 200 से 300 मीटर की दूरी पर है, जहाँ पैदल चलकर आसानी से पहुँचा जा सकता है।

गंगोत्री मंदिर के पास कई धर्मशालाएं, आश्रम और GMVN (गढ़वाल मंडल विकास निगम) के गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। अगर आप शांत और बेहद खूबसूरत माहौल चाहते हैं, तो गंगोत्री से 25 किमी पहले स्थित हर्षिल (Harsil Valley) में रुकें। हर्षिल की ऊंचाई गंगोत्री से कम है, जिससे आपको होमस्टे या रिजॉर्ट्स भी मिल जाएंगे और ऊंचाई के कारण होने वाली सांस की तकलीफ (Altitude Sickness) का खतरा भी कम रहेगा।

गंगोत्री में मई और जून के महीनों में भी मौसम काफी ठंडा रहता है। दिन का तापमान 12°C से 18°C के बीच होता है, लेकिन रात में यह घटकर 5°C या उससे कम हो जाता है। इसलिए अपनी यात्रा में हल्के थर्मल्स, एक अच्छी विंडप्रूफ जैकेट, ऊनी टोपी और मोज़े ज़रूर साथ रखें। सितंबर-अक्टूबर में जा रहे हैं, तो भारी भारी ऊनी कपड़ों की ज़रूरत होगी।

देश भर से श्रद्धालु गंगोत्री से पवित्र गंगा जल (जो यहाँ भागीरथी कहलाती है) भरकर अपने घर लाते हैं या रामेश्वरम में चढ़ाने के लिए ले जाते हैं। मंदिर परिसर के पास ही आपको तांबे या प्लास्टिक के छोटे जरिकेन (कंटेनर) मिल जाएंगे। जल भरने के बाद, मंदिर के पास ही इसे मोम और ढक्कन से एयरटाइट सील करने वाले लोग बैठते हैं, ताकि यात्रा के दौरान जल छलके नहीं।

गंगोत्री मंदिर के ठीक नीचे भागीरथी नदी बहती है। यहाँ पानी का बहाव बहुत तेज़ और पानी अत्यधिक ठंडा (बर्फ जैसा) होता है। सीधे नदी के बीच में जाकर नहाना बेहद खतरनाक है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर लोहे की जंजीरें (Safety Chains) लगाई गई हैं, उन्हें पकड़कर ही सावधानी से स्नान करें या घाट पर लगे नलों के पानी का उपयोग करें।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Yatra Gyan

Har Har Mahadev. Agar aapko Kedarnath Yatra ya Chardham Yatra se judi Help Chahiye to aap mujhe 7060830844 Par Call Karke Meri Help Le sakte ho. Mera Naam Mayank hai or Me Haridwar Uttarakhand se hu.

Comments (0)

User